चुनाव में हिरोइन


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नवाब पटौदी के साथ कभी शर्मीला टैगोर भोपाल में चुनाव प्रचार के दौरान घूम रही थीं तब उनके साथ भीड़ ने कुछ बदसलूकी कर दी थी जिसपर झल्ला कर उन्होंने कहा था की अपने शहर की बहु के साथ भी इज्ज़त से पेश आना नहीं जानते कुछ लोग।

कभी मेरठ से भले ही क्रांति की मशाल जली हो लेकिन आजकल वहां कुछ और ही सुलग रहा है।

हालाँकि वो बहु या नवाब की बेगम होने के पहले एक फिल्म अभिनेत्री थीं और हिंदी सिनेमा में बिकनी पहनने वाली पहली अदाकारा भी, इस नाते समर्थकों के साथ ही दर्शक अधिक जुटते रहते थे।

यही हाल काफी लम्बे समय से पालिटिक्स कर रही हेमा मालिनी या नगमा की रैलियों में भी हो रहा है। मीरा और दुर्गा बन कर नृत्य नाटिका करने वाली कभी की बसंती आज एक नेता हैं और बरसाने पहुँच गई हैं राधा बनकर वोट माँगने। भाजपा ने उनको केवल एक हिरोइन के नाते ही नहीं उतारा है, वो काफी लम्बे समय से पार्टी की सेवा कर रही हैं, राज्य सभा में पार्टी को उनका कौशल देखने को मिला रहा होगा।

इसलिये लहर के भरोसे मथुरा से अब लोकसभा लड़ाया जा रहा है। हालाँकि वो उत्तराखंड की भाजपा सरकार के समय निर्मल गंगा अभियान प्रोजेक्ट की ब्रांड अम्बेसडर रह चुकी हैं इसलिए नदी सफाई योजना से भी जुड़ाव रहा है। उस प्रोजेक्ट के तहत राज्य में इनकी नृत्यनाटिका का भी आयोजन किया गया था जिसमें सरकारी खर्चे पर काफी लोगों ने आनंद उठाया, भले कहने वाले कहते रहे की अपनी पार्टी के प्रोग्राम में भी इन्होने मोटी रकम वसूली थी।

अरे भाई वो भी तो जरुरी ही था क्योंकि अपनी उसी प्रतिभा के बल पर हेमा पार्टी में आई हैं, वो काम भी फ्री में करने लगेंगी तो फिर हैसियत क्या रह जाएगी, कोई झंडा उठाने तो आई नहीं हैं न ही पोस्टर चिपकाने। खैर अब मथुरा के लोगों को भी लग रहा है की चुनाव
बाद ये जमुना की सफाई के लिए भी एकाध दिन अपना नृत्य जरुर करेंगी क्योंकि बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी कशिश बरक़रार है और आवाज में खनक भी वही है।

ये अलग बात है की कुछ लोगों का मानना है की एक जाट धर्मेन्द्र सिंह देओल की दूसरी पत्नी होने के नाते उस बिरादरी के वोट इन्हें आसानी से मिल जायेंगे और ऊपर से लहर है ही फिर सीट निकलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। हाँ लेकिन जाट की पहली पत्नी की जात के वोटर शायद उधर नहीं हैं क्या? या राधे के देश में लोग असल वाली को भूल ही चुके हैं? असल नक़ल का मसला ही बेकार है, लोगों का क्या, लोग अपने अपने हिसाब से सोचते रहते हैं। हम तो सोचते हैं की कोई नाचे चाहे गावे लेकिन कभी जमुना का भी ख्याल आवे और वो फिर से पवित्तर हो जाए काहें से की खाली किस्से कहानियाँ सुना कर ही पण्डे उन नदियों में गोते लगवा दिया करते हैं जिनमें ख़ुशी ख़ुशी घुसने की हिम्मत तो शायद ही कोई करे।

तमाम रिपोर्ट बताती हैं की गंगा और जमुना में नहाने से कई बीमारियाँ हो जाती हैं, चरम रोग और कई रोग होते हैं। लेकिन ये रोग उन्ही को होते होंगे जो पहली बार नहाते होंगे क्योंकि जिनको हमेशा नहाने की आदत है उनका शरीर तो मजूबत हो चूका रहता है। असल खबर ये है की प्रत्याशी बनकर क्षेत्र में पहुँची हेमा को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है लेकिन लम्बे राजनैतिक अनुभव के कारण हेमामालिनी को अब सब कुछ टैकल करना आ गया है। उन्होंने एक उत्साही दर्शक को एक दिन जोरदार चाँटा लगा दिया जो कुछ अधिक ही श्रद्धा दिखाने लगा था। राधे-राधे जहाँ गूंजता हो उस इलाके में अब नेता बन गई हिरोइन को भी लोग पहले जैसा ही समझ रहे हैं।

और पहले जैसी का क्या मतलब भाई, क्या हिरोइन के साथ कुछ भी करने की छूट होती है? उसपर से तो हेमा जी की दो दो बेटियां भी अब फिल्मों से लगभग रिटायर हो चुकी हैं। झापड़ की आवाज़ तगड़ी रही और दर्शक को भाजपा कार्यकर्त्ता भी बताया जा रहा है और बात उछलने लगी की पार्टी का अंदरूनी मामला है, जैसे देश भर के तमाम मामले निपटाए जा रहे हैं वैसे ही इसे भी सलटा लिया जायेगा।

अब दूसरा झापड़ पड़ा है मेरठ के एक दर्शक को। जी हाँ कभी मेरठ से भले ही क्रांति की मशाल जली हो लेकिन आजकल वहां कुछ और ही सुलग रहा है। चुनावी माहौल में तमाम लोगों के ऊपर बिजली गिर रही है और कांग्रेस की प्रत्याशी बनकर इलाके में घूम कर रही हैं भोजपुरी फिल्मों की सुपरस्टार नगमा। इनके पक्ष में सबसे अच्छी बात है की बम्बईया चलन के मुताबिक साईज जीरो के चक्कर में नहीं पड़तीं और दर्शक खूब पसंद करते हैं, इनकी फिल्मों के नाम तो मुझे नहीं मालूम लेकिन टीवी बता रहा था की बड़ी हिरोइन हैं। ये काफी लम्बे समय से पार्टी की सेवा कर रही थीं और चुनावी रोड शो का लम्बा अनुभव है जिसमें इनको देखने के बहाने भीड़ अच्छी खासी जुटती रही है, इनकी सेवा से द्रवित होकर पार्टी ने इस बार टिकट ही पकड़ा दिया।

पहले चर्चा फूलपुर की रही लेकिन उतरीं मेरठ से। कुछ दिनों पहले टीवी ने बताया की एक नेता जी ने साथ में बत्तमीजी की लेकिन वो बत्तमीजी नहीं थी क्योंकि भीड़ भाड़ में कोई अनुभवी आदमी कान में कुछ कहना चाहता हो तो भाई हाथ तो लगाना ही पड़ता है न। एक नेता जी ने इनके कान में कुछ कहते समय एक हाथ इनके चेहरेपर लगा दिया, सभी ऐसा करते ही हैं लेकिन टीवी ने देश को बताया की झल्ला कर नगमा ने हाथ झटका, देखिये बत्तमीजी लाइव।

हालाँकि नगमा और नेता दोनों ने इसका खंडन किया लेकिन माने कौन? अब पता चला है की नेता बन गयी नगमा जी जब इलाके में घूम रही हैं तब तमाम लोग थोड़ी से बत्तमीजी करलेना चाहते हैं। इसी चक्कर में एक दर्शक फिर पिट गया, हाँ जी, दर्शक कहना ही ठीक रहेगा क्योंकि समर्थक तो उन लोगों के रहे होंगे जो लम्बे समय से इलाके में पार्टी की सेवा कर रहे होंगे और टिकट की चाहत रही होगी, बताया जाता है की मेरठ के एक इलाके में नगमा की सभा होनी थी लेकिन उसे रद्द करना पड़ गया क्योंकि नगमा जी बस इतना ही बोल पायीं की आप लोगों के घर में बहन-बेटियां नहीं हैं क्या?

प्रायः ये सवाल रोज देश की तमाम सड़कों पर महिलाओं के जेहन में आता है लेकिन वहां तो शहर की सांसद बनने के मंसूबे से घूम रहीं नगमा के साथ भरी भीड़ में बत्तमीजी की गयी और जवाब में खुद नगमा को एक्शन लेना पड़ा और उन्होंने जोरदार तमाचा जड़ दिया था अपने दर्शक को, जो की हद से आगे बढ़ रहा था। आशा है की जली कोठी में चलाये गए थप्पड़ की गूंज दूसरे मोहल्लों में भी सुनाई देगी और इस कदम के बाद इलाके की बहु बेटियां जरुर नगमा को वोट करेंगीं क्योंकि जाहिलों को इसी तरह जवाब दिए जाने की जरुरत है और अगर ऐसी बहादुरी दिखाने वाली नगमा जी संसद में पहुँचती हैं तो सही मायने में महिला सशक्तिकरण पर कुछ बात हो सकती है।

तमाम लोगों को याद ही होगा वो किस्सा की जब भाजपा की, बहु फेम स्मृति इरानी दिल्ली से चुनाव लड़ रही थीं तो महिलाओं से इत्मिनान से बतियाती थीं, खासकर बुर्केवालियों से तो लपक कर गले मिलती थीं। पुरानी दिल्ली के कुछ बदमाश लौंडे भी बुर्के पहन कर गलियों में खड़े होने लगे थे, जब लगातार कई बार बहुरानी के साथ धोखा हो गया तब उन्होंने बुर्के वालियों से गले मिलना छोड़ दिया था। ऐसे माहौल में राखी सावंत ने जरुर अपनी खुद की ‘राष्ट्रीय आम आदमी पार्टी’ बनाकर जो दम दिखाया है वो काबिले तारीफ़ है, वो भी लड़ेंगी बम्बई से। अपने दम पर लड़ेंगी और आशा है की उनके साथ कोई बत्तमीजी करने की हिम्मत नहीं जुटा पायेगा क्योंकि उन्होंने शिर्डी में दर्शन करने के बाद अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा है की सबका बैंड बजा देंगी। और उनके मिशन में जिसको भी साथ चलना है चले।

तमाम अभिनेत्रियों से अधिक दम है राखी में क्योंकि जहाँ लोग भाजपा में घुसे जा रहे हों और लहर का भरोसा कर रहे हों ऐसे माहौल में राखी बता रही हैं की उन्होंने बंगाल से मिल रहे भाजपा टिकट को ठुकरा कर अपनी पार्टी बनायी है और लड़ेंगी खुद के इलाके से।