यहां अर्जुन ने की थी शिव की अराधना, पाया था पशुपति अस्त्र

दक्षिण भारतीय मंदिरों की शैली देखते ही बनती है… कनक दुर्गा मंदिर के प्रांगण में ही ये महादेव का मंदिर है!

इस स्थल पर अर्जुन ने शिव की तपस्या की थी और पशुपति शस्त्र का वरदान पाया था… उसके उपरांत कनक दुर्गा का मंदिर अर्जुन ने स्वयं स्थापित किया था। जब चंद्रमा जब स्वयं महादेव के शीश पे आ के विराजमान हो जायें तो समझिए कि आप उचित समय पर दर्शन कर रहे हैं… ताजी हवा, साफ सुथरा परिसर और दिव्य संगीत की उपशास्त्रीय धुनें जिस अलौकिक ऊर्जा से भर देती हैं वो शब्दों में कहना मुश्किल है…।

साभारः लंठई