बच्चे के जनमते ही कुंडली बनवायेगी राजस्थान सरकार


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कहते हैं कि कभी के सेक्युलर जिन्ना ने काँग्रेस पर हिंदूवादी होने का आरोप लगाते हुए ही अलग राह पकड़ ली थी।अब यह तथ्य इतिहास में दफ़न हो चुका है और आज के टीवी वाले ‘हिंदुत्वा’ के अनुयायियों को यह बात पचेगी भी नहीं लेकिन यह सच है कि काँग्रेस को कायदे से काम करना आता है।विश्वास न हो तो आज़ादी के बाद के सबसे लंबे समय तक चले भागलपुर दंगे के पीड़ितों से पूछ लीजिये या फिर हाशिमपुरा,मलियाना में मारे गए लोगों के परिजनों से।खैर दर्द कुरेदने से क्या होगा लेकिन यह भी सच है कि जिस घटना से देश में हिन्दू मुसलमान के बीच खाई बढ़ती गयी उसकी सूत्रधार भी काँग्रेस ही है यानि अयोध्या विवाद,चाहे ताला खुलवाने का हो या शिलान्यास की बात काँग्रेस की ही देन है।जिस चुनाव अभियान में राजीव गाँधी शहीद हो गए उसकी शुरुआत उन्होंने अयोध्या से ही की थी और वादा किया था कि देश में राम राज्य लाएंगे,खैर वह वादा धरा ही रह गया क्योंकि दुखद परिस्थितियों में वो खुद ईश्वर को प्यारे हो गए।कांग्रेस सरकार के समय ही अयोध्या में जमीन समतल करके रामलला की विधिवत पूजा अर्चना शुरू कर दी गयी,बस अब भव्य मंदिर निर्माण बाकी है। यह निर्माण भाजपा और काँग्रेस दोनों का सपना है,देखते हैं कब पूरा होगा।
छोड़िये राम जी की माया को,ताज़ा समाचार है कि राजस्थान की सरकार का एक प्रस्ताव है कि राज्य में सरकारी या निजी अस्पतालों में बच्चे का जन्म होते ही उसकी कुंडली बना कर दी जायेगी।चुनाव प्रचार के दौरान भी कांग्रेस का वायदा था कि राज्य में संस्कृत विकास पर ध्यान दिया जाएगा जिसके लिए ‘वैदिक कर्मकाण्ड एवं शिक्षा बोर्ड’ का गठन किया जाएगा।उसी कड़ी में यह जन्मपत्री योजना भी प्रस्तावित है जिसके लिए राज्य सरकार जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय,जयपुर के साथ काम करेगी।इस प्रकार कम से कम तीन हजार ज्योतिषियों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा लेकिन शर्त है कि इनके पास ज्योतिष में डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए।पायलट स्कीम जयपुर के अस्पतालों से शुरू होगी फिर पूरे राजस्थान में लागू की जायेगी।
शुरू में जन्मपत्रिका निशुल्क मिलेगी और बाद में सरकारी अस्पतालों में इक्यावन रुपये और निजी अस्पतालों में एक सौ एक रुपया लिया जाएगा।अब सोचिये जरा ऐसा ही प्रस्ताव किसी भाजपा शासित राज्य में आया होता तो देश के टीवी मार्का लिबरल लोग हुआँ हुआँ करते हुए टूट पड़ते।इसके पहले भी ये लोग ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड के नाम पर हल्ला मचाते ही रहते हैं लेकिन इस प्रस्ताव पर ख़ामोशी है क्योंकि उनकी नज़र में आज काँग्रेस सेक्युलर श्रेष्ठ है।भले ही मध्यप्रदेश में बैल लेकर जा रहे लोगों पर रासुका लगा दिया जाता हो लेकिन प्रियंका वाड्रा मंगलवार को नॉनवेज नहीं खातीं,यही ब्रेकिंग न्यूज़ है,पता नहीं वाड्रा कौन जात हैं। जय जय सियाराम।


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अब यही काम बाकी रह गया है। यकीन मानिए इसी बहाने झोलाछाप पंडितों की बन आएगी। एक से एक झोलाछाप पंडित कॉन्ट्रैक्ट लेंगे और लोगों को कुंडली के नाम पर उल-जुलूल बताएंगे। भाजपा से आगे निकलने के चक्कर में कांग्रेसी और क्या-क्या धतकरम करने जा रहे हैं??