राष्ट्रपिता रास्कल?


#1

अभी कुछ दिन पहले भगवा पहन कर गाँधी की तस्वीर पर खिलौना पिस्तौल तानने के अपराध में एक महिला गिरफ्तार हुई।उसकी वेशभूषा के आधार पर तमाम लोगों को मौका मिला हिंदुत्व को कोसने का। उस महिला को भी दो चार दिन की लाइमलाइट मिल गयी।इलाहाबादी बकैत जस्टिस काटजू ने भी कुछ कहा है,आप लोगों का क्या ख्याल है मित्रों?काटजू साहब देश में अपनी तरह के वन पीस,अकेले हैं।लेकिन क्या यह सच नहीं की जिस ऊँची कुर्सी तक पहुँचे उसी कारण उनपर कोई उंगली नहीं उठाता या फिर लोग डरते हैं क्योंकि श्रीमान काटजू अपने विधि ज्ञान से अपनी बात की सत्यता साबित कर देंगे।क्या राय है आपकी गाँधी के बारे में काटजू की राय पर?सोच लीजिये,बापू को बोले तो फिर चाचा को भी लपेटेंगे ही !


#2

काटजू बोलें तो सब ठीक! यह वही सज्जन हैं, जिनको लगता है कि इस देश में 99 फीसदी जनता बेवकूफ है। बुजुर्ग हैं, इस लिहाज से इनके लिए कदाचित् अनुचित शब्द का प्रयोग करने से बचता रहा हूं, लेकिन कभी-कभी लगता है कि बुढ़ापे में सठिया गए हैं।