कश्मीर में निर्णायक कार्रवाई, जमात-ए-इस्लामी के 70 ठिकाने सील, अब हुर्रियत का नंबर?

जमात-ए-इस्लामी। हो सकता है कि आपने शायद यह नाम पहली बार सुना हो। यही वह संगठन है जो अब तक कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन व अन्य आतंकवादी संगठनों को बड़े पैमाने पर फंडिंग करता रहा है, ताकि वे अपनी आतंकी गतिविधियां चलाते रह सकें। अब नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने कश्मीर में निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जमात-ए-इस्लामी के 70 ठिकानों की पहचान की गई है, जिन्हें सील किया जा रहा है। साथ ही इसके कई बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

जमात-ए-इस्लामी कश्मीर में आतंकवाद के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह जिम्मेदार संगठन है। कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन को इसने ही खड़ा किया है और पनपने में सहायता की है। यह संगठन कश्मीर में पत्थरबाजों को उकसाता रहा है।

हालांकि, कश्मीर में राजनीतिक दल जमात के समर्थन में आ खड़े हुए हैं। इनमें महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी प्रमुख है।

माना जा रहा है कि जमात पर बड़ी कार्रवाई के बाद सरकार हुर्रियत पर एक्शन ले सकती है। हाल के दिनों जिस तरह हुर्रियत के नेता हिरासत में लिए गए हैं और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है, ऐसे में इस बात का कोई संदेह नहीं है कि जल्द ही अब हुर्रियत का नंबर आ सकता है।

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