स्वच्छ भारत का सपना साकार करता सिक्किम, बाकी देश को यहां से सीखने की जरूरत है


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सुदूर पूर्वोत्तर का राज्य सिक्किम स्वच्छ भारत का सपना साकार कर रहा है। यहां ‘स्वच्छ भारत अभियान’ महज एक अभियान नहीं, बल्कि आंदोलन है। पूर्वी सिक्किम के गंगटोक से लेकर पश्चिमी सिक्किम के पेलिंग तक का इलाका साफ-सुथरा है। खास बात यह है कि इस राज्य का हर तबका साफ-सफाई के प्रति बेहद जिम्मेदार है। स्कूली छात्रों से लेकर ग्रामीण तक, छोटी-छोटी पहल के जरिए अपने पर्यावरण और वातावारण को और अधिक खूबसूरत बनाने में जुटे हैं। वातारवरण को साफ और सुन्दर बनाए रखने में सिक्किम ने एक मॉडल का रूप ले लिया है। यहां के लोगों ने अभावों को विकल्प के रूप में अपनाने की पुरजोर कोशिश की है और इसका बेहद शानदार नतीजा निकला है।

सिक्किम के सुदूर गांवों में इस तरह के कुड़ेदान आम हैं।

इस तरह के कचरा एकत्रित करने के डिब्बे राज्य में जगह-जगह लगे हैं।

स्वच्छ रिम्बी नदी।

रिम्बी नदी की सफाई करने उतरा इसकी तलहटी में रहने वाला उत्साही छात्र आशीष कुमार।

वर्ष 2016 में आधिकारिक तौर पर देश का सबसे पहला स्वच्छ राज्य बना था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिक्किम के गंगटोक को देश के सबसे स्वच्छ पर्यटक स्थल के तौर पर सम्मानित भी किया था।